''में सच बोल रहा हु, में तुमसे प्यार नही करता..''

           इतना सुनते ही वो रोते हुवे वहां से उठकर चली गई..
          इधर क्लास में मेरा मन बिल्कुल नही लग रहा था। 
          मेने माया के साथ बहुत गलत किया वो बिचारी तो..
                         * * * 
       
          आज मेरा जन्मदिन था मेरा इक्कीसवा जन्म दिन 
          बाबाजी ने बताया था की जब में इक्कीस साल का हो जाऊंगा तब वो आएगी, वो वापस आएंगी। 
          मेरे जन्मदिन की पार्टी थी और पार्टी में मैने मेरे सारे दोस्तो के साथ माया को भी बुलाया था।  क्योंकि उसके बिना ये पार्टी अधूरी थी। 
          इंतजार तो बहुत किया उसके आने का पर वो नही आई। 
          आखिर में, मेने अपने बाकी दोस्तो के साथ उसके बिना ही अपना बर्थडे केक काट के अपना जन्मदिन मना लिया, उसके बाद देर रात तक हम सबने खूब पार्टी इंजॉय की।  
          नाचे, गाये खूब मस्ती की..
          रात को तकरीबन दो बजे सब थक कर अपने अपने घर चले गए। 
         पार्टी की अरेंजमेन्ट की भागदौड़ में, में भी काफी थक गया था तो बिना कपड़े चेंज किये में अपने बेड पर जा गिरा। 
         अभी नींद आये कुछ ही मिनिट हुवे थे तो कानो पर किसी के पायल की छन छन के साथ वही गाने की सुरीली आवाज आई। 
          आज वो गाना कोई रेडियो या टीवी पर नही पर उसे कोई गा रहा था। जैसे कोई खूबसूरत सी लड़की अपनी सुरीली, आवजो में ये गाना गा रही थी। 
          तेरे संग प्यार में नही तोड़ना..
          हो..ओ..ओ.. तेरे संग प्यार में नही तोड़ना      
          चाहे तेरे पीछे जग..पड़े छोड़ना..
          हो..तेरे संग प्यार में नही तोड़ना..
          हो..तेरे संग प्यार में..

          वो वही आवाज थी जो मैंने अपने सपनो में कही बार सुनी थी.. मानो मेरी नींद उड़ गई..में सटाक से नींद से जाग बैठा..
          मुजे लगा की ये गाना हरबार की तरह इस बार भी मेने अपने सपने में सुना..पर नही..
          सच मे ये गाना मेरे आसपास, मेरे कमरे के आसपास कोई गा रहा था.. शायद वही लड़की..

          चाहे तेरे पीछे जग पड़े छोड़ना..
          हा..हां..तेरे संग प्यार में..नही तोड़ना..
          हो..तेरे संग प्यार में नही तोड़ना..

           मैने मोबाइल में देखा तो दो बजकर दश ही मिनिट हुई थी..
           खिड़की..खुली थी..ओर बाहर सफेद चांदनी के साथ ठंडी हवाएं भी अंदर की ओर आ रही थी.. ओर साथ ही साथ उस गाने की सुरीली दर्दमिश्रित आवाज भी,

            मांग मेरी शबनम ने मोती भरे 
           और नज़रों ने मेहंदी लगाई 
           मांग मेरी शबनम ने मोती भरे 
           और नज़रों ने मेहंदी लगाई...
           नाचे बिन ही पायलिया छलकने लगी
           बिन हवा के ही चुनरी लहराई..
           हो..चुनरी लहराई...
           आज दिल से हैं दिल आ जोडना..
           हो तेरे संग प्यार मैं नहीं तोडना
           
           मुजे लगा की सच मे कोई तो आसपास है.. 
           खिड़की के पास जाकर देखा तो बाहर कोई नही था। फिर भी वो गाने की आवाज तो साफ साफ आ रही थी।

          आँख बनके तुझे देखती ही रहूं..
          प्यार की ऐसी तस्वीर बन जा..
          आँख बनके तुझे देखती ही रहूं..
          प्यार की ऐसी तस्वीर बन जा..
          तेरी बाहों की छाँव से लिपटी रहू 
          मेरी साँसों की तक़दीर बन जा..
          तक़दीर बन जा..

          मेने अपने कमरे का दरवाजा खोला और बहार निकलकर मोबाइल की टोर्च ऑन कर में आसपास देखने लगा..
           अचानक ही दूर मेने एक लाल रंग के शादी के जोड़े में आगे की ओर जा रही खुले बालोवाली लड़की को देखा में उसकी ओर दौड़ा
           तब मुजे मालूम हुवा की ये गाना वो ही गा रही थी। में उसके पास जावु , ठीक से उसका चहरा देख पाउँ इससे पहले ही वो आगे की गलीमें चलने लगी.. में मानो उसके पीछे भागा। 
           मुजे लगा की शायद ये वही लड़की थी जो अक्षर मेरे सपनों में आया करती थी। जिसके बारे में बाबाजी ने भी बताया था। मेरे अबतक के सारे सवालों के जवाब भी इससे ही मिलेंगे। 
            में उसके पीछे और वो आगे की ओर जा रही थी। 
            तेरे साथ वादा किया नहीं तोडना..
            हो तेरे संग प्यार मैं नहीं तोडना..
            हो..तेरे संग प्यार में..नही तोड़ना..
            चाहे तेरे पीछे..

            में उससे कुछ कदम की ही दूरी पर था.. 
            मेने पीछे से ही उसको आवाज लगाई..
            ''हेल्लो.., कोन हो आप..?''
            पर मेरे सवाल का मुजे जवाब मिले उससे पहले ही वो मेरी आंखों के सामने से कही ओझल हो गई। मानो वो उन सफेद चांदनी की बीच ठंडी हवावो में कही समा गई.. पर वो गाना अब भी मेरे आसपास वैसे ही सुनाई दे रहा था। 
                        * * *
              
         सुबह उठा तो मुजे कल रात के बारे में कुछ भी याद नही था, यह तक की कल रात हमलोगो ने देर रात तक पार्टी की थी वो भी मुजे याद नही था।

       मोबाइल में देखा तो दश बजने वाले थे अब कॉलेज जाने से क्या फायदा यही सोचकर में अपने बेड पर ही पड़ा रहा। 
       वॉट्सऐप चेक किया माया का एक भी मेसेज नही था.. वो आखिर मुजे इतना इग्नोर क्यु कर रही है.. आज उससे बात करनी ही होगी। 
           मेने उसे मिलने के लिए एक मैसेज किया। 
           ''माया मुजे तुमसे एक जरुरी बात करनी है..आज शाम पांच बजे में इस्कॉन मोल में तुम्हारा इंतजार करूँगा प्लीज़ आ जाना..''
           मेने सोच लिया की चाहे कुछ भी हो जाये आज आज उसके प्यार को में अपना ही लूंगा।  
             
           फिर यु ट्यूब ओपन किया तो ट्रेंडिंग में ही सबसे पहला वीडयो सॉन्ग वही था।  
           ''तेरे संग प्यार में नही तोड़ना''
           आखिर ये गाने के साथ मेरा क्या रिश्ता है क्यु हर बार ये मुजे सुनाई देता है। 
           में अपने ख्यालो में ही था की वो गाना ऑटो प्ले हो गया। 
           हो..ओ..तेरे संग प्यार में नही तोड़ना..
           हो..तेरे संग प्यार में..नही तोड़ना
           चाहे तेरे पीछे पड़े जग छोड़ना.. हां..
           
           फिर से मानो मेरा सर घूमने लगा मेरी आँखों के सामने वही दृश्यों घूमने लगे..
           तेरे संग प्यार में नही तोड़ना..
           इसबार तो मुजे इतना गुस्सा आया की मेने अपना मोबाइल ही उठाकर सामने दीवाल पर जोर से मारा। 
           दीवार पर लगने ओर नीचे गिरने से मोबाइल के टूटने की एक आवाज आई.. 
           फिर भी.. गाने की आवाज वैसी ही...
           मेने जाकर उस टूटे हुए मोबाइल को हाथमे लेकर देखा। 
           मोबाइल की डिस्प्ले पूरी तरह से टूट गई..मोबाइल की बैटरी बाहर आ गई पर फिर भी..
           वो गाना वैसा ही पहले की तरह चल रहा था..
           में एकदम से घबरा गया..ओर अपने कमरे से बाहर की ओर भाग गया। 
                          * * *
क्रमशः