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कहानियां जिससे आप मिलते है।
कविता
अब किसको मनवोगे
खुद का रूठना यहा
कोई मायने नहीं रहता।
लोग पहले से ही
रूठकर बैठे है यहां पर
बेमतलब सी दुनिया के
मतलबी लोग है ये
आखिर किस किसको वीर
तुम मनवोगे अब..?
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Paresh Makwana
The urban writer
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